A digital magazine on sexuality in the Global South

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गतिशीलता और यौनिकता – आम मान्यताएँ और उनको पुनः परिभाषित करना

केवल एक तरह से जीवन जीने, या अपनी यौनिकता को अनुभव करने से अधिक और भी बहुत कुछ होता है। इसके लिए ज़रूरी है कि पहले तो हम अपने मन में इसे स्वीकार करें और इसके लिए तैयार हों।
a gay man's daughter: silhouette of a man holding up his daughter

एक गे पुरुष की बेटी

क्या यह मेरे पिता की गलती थी? शुरू में, मुझे लगा कि यह उन्हीं की गलती है, लेकिन फिर मुझे समझ में आने लगा कि वह स्वयं इस स्थिति में असहाय हैं।
An image explaining maslow's heirarchy of needs

यौनिक अधिकार? पर लोग भूखे हैं…

कुछ अधिकार ऐसे होते हैं, जिन्हें जब तक छीन न लिया जाए, उनके होने का एहसास ही नहीं होता। तुम्हारे लिए किसी लड़की को पसंद करना, प्यार में पड़ना, उनके बारे में अपने दोस्तों से और परिवार वालों से बात करना बिलकुल स्वाभाविक है। तुम जैसा सोचते हो, जैसा महसूस करते हो वह आसानी से कह सकते हो। 
a picture of scales, one tilted downwards, the other tilted upwards

पुस्र्षत्व का बोध – सूची की नज़र से

अस्वस्थ्य मर्दानगी या विषाक्त पुरुषत्व का हिंसक होने के लिए ज़रूरी नहीं है कि जाहिर तौर पर मौखिक या शररिक रूप से घातक हो। इसके लक्षण रोज़मर्रा के वार्तालाप या अंतरंग बातचीत से भी सामने आते है।
The Ardhanarishwara replacing Goddess Durga

उभयलिंगी देवत्व : कोलकाता की दुर्गा पूजा में ट्रांस-सेक्शुअलिटी का उत्सव 

प्रतिमा का यह एक-चला रूप, जिसकी उपासना पहचान और पहचान की राजनीति से जुड़े क्विअर समुदाय के लोग करते हैं, जैविक सम्बन्धों और विषमलैंगिकता के विचार पर बनी परिवार की इस परिभाषा को चुनौती देता है।
cover of the book mohana swamy

पुरुषत्व का सामाजिक दायरा 

मोहनस्वामी – लेखक वसुधेंद्र अनुवाद - रश्मि तेरदल (हार्पर पेरेनियल Harper Perennial, 2016)   जब मैं छात्र जीवन में पढे गए तमाम साहित्य के बारे में सोचती हूँ तो मेरे मन-मस्तिष्क में हमारे स्कूल की पाठ्य पुस्तक में शामिल कहानी, ‘Night of the Scorpion’ के निस्सीम एजेकिएल की त्यागमयी माँ और उसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखने वाले…
Sanitary napkins made of cloth. (Image credit: The Kachra Project)

घरों में जेंडर आधार पर जगहों का संघर्ष

मैं घर के बैठक वाले कमरे में दाखिल हुई तो पाया कि वहाँ एक अंजान सी खामोशी पसरी हुई थी। आम तौर पर बतियाते रहने वाले मेरे मम्मी-पापा बिना एक दूसरे की ओर देखे, चुपचाप अपनी शाम की चाय पीने में मशगूल थे। मेरे अचानक कमरे में आ जाने पर भी उन्होने कोई प्रतिक्रिया नहीं…

कुमाम डेविडसन के साथ इंटरव्यू

कुमाम डेविडसन एक स्वतंत्र पत्रकार, ऐक्टिविस्ट और शिक्षक हैं। वे पूर्वोत्तर भारत में क्विअर विषयों पर डिजिटल और प्रिंट सामग्री का संकलन करने के लिए संचालित की जा रही चिंकी-होमो प्रोजेक्ट के सह-संस्थापक भी हैं। शिखा आलेया के साथ बातचीत करते हुए डेविडसन, पूर्वोत्तर भारत में विद्रोह आंदोलन के साए में खुद के बड़े होने…
Cover Image:(CC BY 2.0)

मेट्रो ट्रेन और इच्छाएँ

मेट्रो ट्रेन, दिल्ली शहर और यहाँ के जीवन का एक अभिन्न अंग बन चुकी हैं। आज मेट्रो के बिना दिल्ली की कल्पना कर पाना भी असंभव सा लगता है; मेट्रो के बिना दिल्ली बिलकुल किसी बेजान शरीर जैसी ही लगेगी। मेट्रो नेटवर्क में लगतार बढ़ोतरी से शहर में यहाँ वहाँ आना-जाना और आसानी से कहीं…
poster that says, 'just had my first legal sex'

इच्छाओं की विरोधी, इच्छाएँ

वापस फिर एक बार, पोस्टर पर लिखी गयी घोषणा पर लौटते हुए - पहली बार ‘कानूनन’ सेक्स कर पाने के अपने अनुभव को ज़ाहिर करने की इस घोषणा में एक बहुत ही शक्तिशाली सांकेतिक संदेश निहित है जो हमें सेक्स में ज़्यादा चरम आनंद लेने में भले ही मदद न करे लेकिन मुक्ति के चिन्ह हमेशा धनी लोगों द्वारा किए जा रहे दिखावे की तरह नहीं होते, उनमें एक प्रभावी संदेश निहित होता है।

छोटी उम्र में ‘प्रेम विवाह’ – इंटरनेट प्रयोग के दुष्प्रभाव

नेपाल में छोटी उम्र में विवाह हो जाने का प्रचलन है। यूनिसेफ़ की रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल में 37% लड़कियों की 18 वर्ष की उम्र से पहले ही शादी कर दी जाती है, और इनमें से 10% का विवाह तो 15 साल की उम्र तक ही हो जाता है। 2016 में ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW)…
Picture of a woman dressed in a saree sitting on a wheelchair

गतिशीलता और यौनिकता – आम मान्यताएँ और उनको पुनः परिभाषित करना

केवल एक तरह से जीवन जीने, या अपनी यौनिकता को अनुभव करने से अधिक और भी बहुत कुछ होता है। इसके लिए ज़रूरी है कि पहले तो हम अपने मन में इसे स्वीकार करें और इसके लिए तैयार हों।
Picture showing a group of women carrying water

नई राजनीतिक अर्थव्यवस्था में प्रवास, जेंडर और पहचान

आज के समय में जब विश्व में एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने की घटनाएँ बढ़ी हैं और सामाजिक मान्यताओं में भी बदलाव आया है, ऐसे में केवल विवाह ही, महिलाओं के एक जगह से दूसरी जगह प्रवास करने का एकमात्र कारण नहीं रह गया है।
a picture of a 'gents' and 'ladies' toilet

महिला शौचालय और मेरा अनुभव 

अलग-अलग शौचालय बनाने के अपने लाभ हैं, विशेषकर जब कि एक जेंडर को दूसरे जेंडर से खतरा महसूस होता हो। लेकिन इस पूरे कृत्य को सामान्य बना देने और इसे जेंडर भेद से दूर करने से संभव है कि महिलाओं को, जहाँ कहीं भी वे हों, प्रयोग के लिए आसानी से शौचालय उपलब्ध हो सकें। 
Book cover for Ismat Chughtai's 'Lihaaf'

लिहाफ़

लिहाफ़  कहानी न केवल उस समय की अनकही सच्चाई का वर्णन है बल्कि इस कहानी ने महिला यौनिकता के निषेध समझे जाने वाले विषय और विषमलैंगिक विवाह सम्बन्धों के सन्दर्भ में भी महिलाओं की यौनिक इच्छा के विषय को लोगों के सामने उजागर कर दिया।
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