A digital magazine on sexuality in the Global South

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the silhouette of a girl with dark hair against a blue-black background

क्विअर लोगों की मानसिक देखभाल – मुझसे बात करें

मेरे यह पूछने पर कि, “जब आप दुखी होते हैं तो किससे बात करते हैं”, जोगप्पा ने ने कहा “देवी से बात करती हूँ”। पिछले साल मैं जहाँ भी गया, वहां मिलने वाले बहुत से लोगों से मैंने यही प्रश्न पुछा। उनमें से ज़्यादातर लोगों का यही जवाब होता था, ““किसी से भी नहीं””। यह…

स्वयं की देखभाल एवं खुशहाली के बारे में मेरी सीख

घरेलु हिंसा विषय पर काम कर रही एक नारीवादी संस्था के साथ सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपने करियर के शुरूआती दिनों में हर रोज़ मेरी मुलाकात लगभग 10 – 15 ऐसी महिलाओं से होती थी जो किसी न किसी रूप में उत्पीड़न और हिंसा का सामना कर रही होती थीं। इनमें से ज़्यादातर महिलाओं…
two drawings of figures lying in fetal position

एक अदृश्य विकलांगता के साथ जीते हुए खुशहाली की चाह

पिछले साल के जुलाई महीने में मुझे बताया गया कि मुझे फ़ाइब्रोमायल्जिआ नाम की बीमारी है। आप में से जिनको इसके बारे में नहीं पता उनके लिए बता दूं कि फ़ाइब्रोमायल्जिआ में पूरे शरीर में कुछ विशेष जगहों (जिन्हें टेंडर पॉइंट्स कहते हैं) पर लगातार दर्द बना रहता है। फ़ाइब्रोमायल्जिआ के साथ कुछ और लक्षण…

भाषा के जाल में बंधी यौनिकता

सेक्शुअलिटी को हिंदी में यौनिकता शब्द से संबोधित करते हैं, ये शब्द भी अपने आप में बहुत कुछ कहता है। कई बार इस शब्द को  जोड़कर हम  आसानी से मान लेते हैं कि यौनिकता सिर्फ यौनिक मुद्दों की बात है, ये शरीर से जुड़ा मामला है ...पर हम इस बात पर सवाल नहीं उठाते कि…

यादों के ताने बाने उलझाती सुलझाती मैं

चाय पीते-पीते अचानक बारिश की बूंदों की आवाज़ सुनाई दी। मैं ख़ुशी से बाहर झाकने लगी और तुमसे मैंने कहा कि चलो बहार बैठते हैं, भीगते हैं, कितना मज़ा आएगा। तुम हसने लगे और कहा बॉलीवुड का असर है ये, वार्ना भीगने में क्या मज़ा है? अब भी बारिश होते ही मुझे याद आती है…

बंटवारे की कहानियाँ : जब मेरी दादी ग़ालिब को सरहद पार ले आयीं

गुमशुदा घरों से जुडी कहानियाँ आज दुनिया के कोने-कोने में मिलती हैं, लेकिन फिर भी देखा गया है कि लोग इन्हें जानना नहीं चाहते, इन्हें सुनने से डरते हैं, या फिर कभी बयान करने के लिए इन्हें छोड़ देते हैं ताकि वे अपने और अपने बच्चों के लिए वह ज़िन्दगी तैयार कर पाएँ जिसका सपना…
राइडिंग क्रॉप

प्यार, दोस्ती, सेक्स और BDSM

अब मेरे लिए दोस्ती, बीडीएसएम और सेक्स के परिदृश्य को समझना, संभालना, पहले की बनिस्बत आसान तो है मगर फिर भी कहीं धुंधली लकीरें हैं।कभी-कभी पुरुष मित्रों की आँखों में थोड़ी सी ज़बरदस्ती दिखती है, उनकी साथियों की आँखों में थोड़ा सा शक, या महिला-मित्रों की आँखों में मेरी यौनिक पहचान के बारे में वही अनचाही अटकलें भी।
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