A digital magazine on sexuality in the Global South: We are working towards cultivating safe, inclusive, and self-affirming spaces in which all individuals can express themselves without fear, judgement or shame

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प्रेम विकलांग नहीं होता 

राजवीर (बदला हुआ नाम) से दोबारा मुलाक़ात होने से पहले मेरे जीवन में प्रेम करने की स्वतंत्रता को लेकर कभी किसी तरह का द्वंद नहीं था। सच कहूँ तो मैंने कभी इस बारे में सोचा भी नहीं था, आखिर मुझे क्या फर्क पड़ता है अगर लोग सड़कों पर मार्च कर रहे हो, प्रेम होने का…

‘हम इनके किस काम आ सकते हैं?’

‘‘वो कैसे दावा कर सकती है की वो सुन नहीं सकती अगर वो सांकेतिक भाषा (sign language) का इस्तेमाल नहीं करती?’ ‘मुझे यह देख कर अच्छा लगा कि फिल्म ने मेरे मन मे उठ रहे विचारों को व्यक्त किया है।’ ‘फिल्म में कहीं-कहीं तकनीकी खामियाँ देखने को मिली – कहीं कुछ दृश्यों में धुंधलापन था,…
एक झील के किनारे हरे रंग की घास पर भूरे सफ़ेद रंग की चार बत्तके है जिनमे से तीन बत्तके अपनी चोंच से खुद को सेहला रही है

खुद से मोहब्बत करो

यह सही है कि खुद के व्यक्तित्व को सँवारने के लिए हम जो कुछ भी कोशिशें करते हैं, उन पर बहुत हद तक हमारे सामाजिक वर्ग, जाति, धर्म, यौनिकता के रुझानों और दूसरे कई कारक प्रभाव डालते हैं।

मीडिया और दायित्वपूर्ण चित्रण 

यह बात 2013 की सर्दियों के समय की है। एक शाम मैं और मेरे पिता, घर की बैठक में सोफ़े पर साथ बैठे टेलीविज़न देख रहे थे। टीवी पर उस समय प्राइम टाइम की न्यूज़ डीबेट में समलैंगिकता के विषय पर गर्मागर्म बहस चल रही थी। यह एक ऐसा विषय था जिस पर हम, पिता…

प्यार ऑनलाइन – प्रेम की तलाश इंटरनेट पर 

सदीयों से हम सबकी प्रेम पाने की आशा जस की तस बनी हुई है।  इस सहस्त्राब्दी के आरंभिक वर्षों में नई पीढ़ी के अधिकांश लोगों नें शायद अपनी पहली ईमेल आइडी बनाई होगी या अकाउंट तैयार किया होगा। वर्ष 2004 आते-आते ऑर्कुट की सोशल नेटवर्किंग वेबसाईट शुरू हो चुकी थी जो अब शायद चलन में…
एक महिला के मुँह को ढक रहे एक लाल रंग के हाथ का भित्ति चित्र। चित्र के साथ पीले रंग में सन्देश है: 'चुप्पी तोड़ों', उसके नीचे बड़े अक्षरों में लिखा है: 'यौन उत्पीड़न एक अपराध है' और उसके ऊपर: 'कानून के ख़िलाफ़'।

लोगों से मिली जानकारी के आंकड़ों के आधार पर अपने शहरों को कैसे सुरक्षित बनाया जा सकता है

उत्पीड़न करने की आदतों को बदलने की कोशिश में नीतियों का बदला जाना ज़रूरी होता है, लेकिन इसके लिए यह भी ज़रूरी है कि लोग उत्पीड़न के विरोध में अपनी आवाज़ उठाएँ।
मेट्रो के एक डब्बे के अंदर की तस्वीर। मेट्रो के अंदर लाल रंग की सारी सीट खाली हैं।

उन्मुक्त स्वछंद व्यवहार और लोगों की प्रतिक्रिया – एक मेट्रो यात्री की नज़र से 

इस घटना नें मुझे हिलाकर रख दिया था। मुझे महसूस हुआ कि हमारे समाज में जहां सामान्य से हटकर किसी भी तरह के व्यवहार को मान्य नहीं समझा जाता, वहाँ लोगों को सिर्फ अपने जेंडर और यौनिकता की अभिव्यक्ति करने की भी कितने बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है। समाज के इस असहनशीलता से मेरे मन में डर का जो भाव पैदा हुआ, वह मेरे लिए कोई नया नहीं था।
एक टूटे हुए शीशे की तस्वीर। इस तस्वीर में शीशे के धारें दिखाई पड़ रही हैं।

कभी दोस्त रहे एक व्यक्ति के नाम खत 

अब मैं बार–बार पीछे मुड़कर देखने और अंजान आदमियों के भय से डरी रहने से भी थक चुकी हूँ। मेरे मन में हमेशा यह डर बना रहता है कि मेरी शारीरिक सीमायों का कोई उल्लंघन न कर दे और साथ ही मैं अब लोगों को अपने से दूर रखते रहने की कोशिश करते हुए भी थक चुकी हूँ।
एक लड़की की तस्वीर जो समुद्र के किनारे ढलते सूरज को देख रही है

महिला जीवन, बढ़ती उम्र और यौन स्वतन्त्रता 

व्यक्तिगत रूप से मुझे, एक युवा अविवाहित लड़की से अब प्रगतिशील और सकारात्मक प्रभाव और संतोषजनक सम्बन्ध रख चुकी उम्रदराज़ विवाहित महिला बनने के इस सफर से अपने निजी जीवन में अपनी प्राथमिकताएँ निर्धारित करने में बहुत मदद मिली है।
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