A digital magazine on sexuality in the Global South: We are working towards cultivating safe, inclusive, and self-affirming spaces in which all individuals can express themselves without fear, judgement or shame

संपादक की ओर से

इन प्लेनस्पीक के हिंदी संस्करण में आपका स्वागत है! इन प्लेनस्पीक तारशी की एक तिमाही पत्रिका का डिजिटल रूपांतरण है जो वर्ष २००५ से २००९ तक प्रकाशित की जाती थी। उन वर्षों में यह पत्रिका हमारे दक्षिण एवं दक्षिण पूर्वी एशिया रिसोर्स सेंटर का हिस्सा थी। शुरू से ही इन प्लेनस्पीक का उद्द्येश्य दक्षिणी भूमंडल में लोगों के बीच जेंडर, यौनिकता, यौन एवं प्रजनन स्वस्थ्य एवं अधिकारों पर वाद-संवादों को जन्म देना, उन्हें बढ़ावा देना और जेंडर एवं यौनिकता के विषय पर पठन सामग्री प्रस्तुत करना रहा है। इस डिजिटल पत्रिका या इन्टरनेट की भाषा में कहें तो ‘ज़ीन’ के ज़रिए हमारी कोशिश रहती है कि हम ज़्यादा से ज़्यादा जानकारी को रचनात्मक तरीके से पाठकों तक पहुंचाएं जिसमें लेखों के अलावा विडियो, इन्टरनेट रेडियो (पॉडकास्ट), लघु चलचित्र आदि शामिल हैं। लेखों को पढने के साथ-साथ यह ज़ीन पाठकों को लेखों पर त्वरित प्रतिक्रिया का मौका भी देती है, आप प्रकाशित लेखों पर अपनी टिप्पणी लिखकर अपनी राय ज़ाहिर कर सकते हैं, लेखों को फेसबुक और ट्विटर पर साझा कर सकते हैं और ज़ीन के मासिक संस्करण से जुड़े ईमेल को प्राप्त करने के लिए हमें अपना ईमेल एड्रेस भी दे सकते हैं।

वर्ष २०१५ में इन प्लेनस्पीक के डिजिटल अवतार के २ वर्ष पूरे हो गए। विगत २ वर्षों में हमारी कोशिश रही है कि हम कम से कम महीने में एक लेख हिंदी में प्रकाशित करें। हमने कुछ ऐसे लेख प्रकाशित किये जो मूलतः हिंदी में लिखे गए थे और कुछ का हमने अंग्रेज़ी से हिंदी में अनुवाद प्रस्तुत किया। हिंदी में पठन सामग्री की कमी और बढती हुई मांग को नज़र में रखते हुए अब हम हिंदी लेखों की संख्या बढ़ाने की चेष्टा कर रहे हैं, और इस कोशिश में आपके सहयोग की आशा है!

यदि आप भी अपनी कृतियों को हमारे इस मंच पर साझा करना चाहते हैं तो प्रस्तुति दिशा-निर्देशों के लिए यहाँ क्लिक करें।

यौनिकता पर यूँ तो हमारे समाज में एक चुप्पी सी पसरी होती है, पर छेड़ कर देखने भर की देर है और जेंडर एवं यौनिकता के अचंभित कर देने वाले आयाम खुलकर सामने आने लगते हैं। एक ही विषय-वस्तु को विभिन्न रचयिता अलग-अलग नज़रिए से देखते हैं और हमें उसके सतरंगी रंगों से परिचित कराते हैं। ये सभी रचनाएँ अपने आप में किसी वर्ग में बंधी नहीं हैं और एक ही विषय पर होते हुए भी एक दूसरे से जुडी नहीं हैं। पठन-पाठन की सुविधा मात्र के लिए इन प्लेनस्पीक ज़ीन में प्रकाशित होने वाले इन लेखों को निम्न प्रकार से वर्गीकृत किया गया है, इन वर्गों पर अधिक जानकारी के लिए आप प्रस्तुति दिशा-निर्देश पृष्ठ पर जा सकते हैं

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हम आशा करते हैं इन प्लेनस्पीक के साथ का आपका यह सफ़र रोचक और ज्ञानवर्धक होगा!

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