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मेरे एक 22 वर्षीय क्लाइंट, जो आटिज्म के साथ रहते हैं और जिनकी बौद्धिक कार्य क्षमता सीमित है, हाल ही…
अंत में, मुझे तो फिल्में विषयों और परिस्थितियों को एक अन्य अंदाज़ से देखने का अवसर देती हैं। मैंने फिल्मों को देखकर शरीर और इसकी इच्छाओं के बारे में बहुत कुछ जाना है – मैंने समझा है कि दर्द जो कुछ लोगों के लिए दर्द होता है, वही दूसरों के लिए आनंद के स्रोत बन सकता है। मैंने यह भी जाना है कि पैसे का लेन–देन करके किया जाने वाला सेक्स हमेशा अपराध नहीं होता और यह कि सभी लोग आनंद का अनुभव करते हैं और कर सकते हैं।
सच्चाई इस सब से परे थी; सच्चाई ये थी कि मैं एक किशोर लड़की थी जिसके मन में अनेको आकांक्षाएँ थी, वासना थी, लालसा थी और इन सब को पूरा करने के तरीके ढूँढने की ललक भी थी।
“ट्रांसजेंडर लोगों से सम्बंधित विषयों पर यूं तो अनेक संगठन काम कर रहे हैं लेकिन फिर भी, बहुत कम महिला…
तारशी द्वारा वर्ष 2010 में ‘भारतीय संदर्भ में यौनिकता और विकलांगता’ कार्यशील परिपत्र (वर्किंग पेपर) निकाला गया था। वर्ष 2010…
पिछले कुछ समय से, मैं स्वयं की देखभाल के बारे में बहुत नियमित और अनुशासित रही हूँ और यह सुनिश्चित…
मेरे यह पूछने पर कि, “जब आप दुखी होते हैं तो किससे बात करते हैं”, जोगप्पा ने ने कहा “देवी…
घरेलु हिंसा विषय पर काम कर रही एक नारीवादी संस्था के साथ सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपने करियर के…
पिछले साल के जुलाई महीने में मुझे बताया गया कि मुझे फ़ाइब्रोमायल्जिआ नाम की बीमारी है। आप में से जिनको…
राधिका चंदिरामनी एक नैदानिक मनोवैज्ञानिक (क्लीनिकल सायकोलॉजिस्ट), लेखक और संपादक हैं। उन्होंने 1996 में नई दिल्ली में तारशी (Talking about…
जब इन प्लेनस्पीक के संपादकों ने पहले-पहल मुझसे स्वयं की देखभाल और यौनिकता के विचार को साथ जोड़कर कुछ लिखने…
सेक्शुअलिटी को हिंदी में यौनिकता शब्द से संबोधित करते हैं, ये शब्द भी अपने आप में बहुत कुछ कहता है।…
चाय पीते–पीते अचानक बारिश की बूंदों की आवाज़ सुनाई दी। मैं ख़ुशी से बाहर झाकने लगी और तुमसे मैंने कहा…
इनोसेंते नामक 40 वर्षीय नेत्रहीन पुरुष ने ज़ाम्बिया में ‘ह्यूमन राइट्स वाच’ संगठन के अनुसंधानकर्ता को बताया, ‘“लोग कहते हैं…
गुमशुदा घरों से जुडी कहानियाँ आज दुनिया के कोने-कोने में मिलती हैं, लेकिन फिर भी देखा गया है कि लोग…