A digital magazine on sexuality in the Global South
the silhouette of a girl with dark hair against a blue-black background

क्विअर लोगों की मानसिक देखभाल – मुझसे बात करें

मेरे यह पूछने पर कि, “जब आप दुखी होते हैं तो किससे बात करते हैं”, जोगप्पा ने ने कहा “देवी से बात करती हूँ”। पिछले साल मैं जहाँ भी गया,…

स्वयं की देखभाल एवं खुशहाली के बारे में मेरी सीख

घरेलु हिंसा विषय पर काम कर रही एक नारीवादी संस्था के साथ सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपने करियर के शुरूआती दिनों में हर रोज़ मेरी मुलाकात लगभग 10 –…
two drawings of figures lying in fetal position

एक अदृश्य विकलांगता के साथ जीते हुए खुशहाली की चाह

पिछले साल के जुलाई महीने में मुझे बताया गया कि मुझे फ़ाइब्रोमायल्जिआ नाम की बीमारी है। आप में से जिनको इसके बारे में नहीं पता उनके लिए बता दूं कि…
illustration of a woman who's face is covered holding a baby to her chest. her face is half hidden.

Postpartum Depression: Deromanticising Motherhood

As depicted in various forms of media, society has unrealistic expectations of how mothers and motherhood should be – enamoured by their babies, to feel only happiness at being a mother, being completely focused on their babies, living in the ‘glow of motherhood’. Being depressed is simply not seen as an acceptable response.
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