A digital magazine on sexuality, based in the Global South: We are working towards cultivating safe, inclusive, and self-affirming spaces in which all individuals can express themselves without fear, judgement or shame

Author: Meghna Bohidar

एक लड़की के चेहरे की तस्वीर है। लड़की का रंग गेंहुआ है, नाक में नथनी पहनी है, बिंदी लगायी है, आँखों में काजल, कानो में झुमके और बाल थोड़े बिखरे हुए है और कुछ चेहरे पर आ रहे है |

ख़ामोश प्यार – स्कूली जीवन में यौनिकता पर बातचीत

स्कूल के नियम और अनुशासन मुझ से पूरी तरह से आज्ञाकारी और निर्देशों को मानने वाली छात्रा होने की उम्मीद रखते थे और शायद मेरी यौनिकता और जीवन विकल्पों के मेरे चुनाव पर नियंत्रण रखने को भी अपना अधिकार क्षेत्र समझते थे।
A still from the film Rangeela a girl in a white dress with floral patterns and a hat dances with one leg up
A still from the film Rangeela

वो ‘फिल्मी’ शरीर – सार्वजनिक स्थानों में नृत्य और आनंद को समझना

इस तरह से नाचना न केवल सार्वजनिक स्थानों पर अपनी मौजूदगी दर्ज करने का तरीका हो सकता है बल्कि यह अपने निजी शरीर में आनंद पाने का उपाए भी है – एक ऐसा आनंद जिसे आजतक केवल काम करते रहने में ही आनंदित होने तक सिमित कर दिया गया था।
एक लड़की के चेहरे की तस्वीर है। लड़की का रंग गेंहुआ है, नाक में नथनी पहनी है, बिंदी लगायी है, आँखों में काजल, कानो में झुमके और बाल थोड़े बिखरे हुए है और कुछ चेहरे पर आ रहे है |

Silencing love: Negotiating Sexuality In School Life

My experience of school, as I remember it, was quite conflicted. As a child I lacked the vocabulary to describe my experience and perhaps enjoyed school life to an extent. But as I reflect on my experiences now, the everyday violence that is inflicted by teachers and students in the garb of the greater good…
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