A digital magazine on sexuality, based in the Global South: We are working towards cultivating safe, inclusive, and self-affirming spaces in which all individuals can express themselves without fear, judgement or shame

Hindi

Two dandelion flowers in a glass vase on a pink background.

एक ‘स्त्रीत्व’ गुणों वाली नारीवादी

एक समय ऐसा था जब मैं भी लड़कियों के लिए बनाई जाने वाली हर चीज़ से सिर्फ इसलिए दूर भागती थी क्योंकि मुझे लगता था कि नारीवादी दिखने के लिए एक खास तरीके से दिखना और व्यवहार करना आवश्यक है।
A series of abstract drawings in pink and green, with the cutout of a dancing girl towards the left

मेनोपॉज़ और सेक्स

एक तो यह समझ नहीं आता की आखिर इसे मेनोपॉज़ क्यों कहते हैं? पॉज़ का मतलब तो यह होता है कि किसी चीज़ का कुछ समय के लिए रुकना और आप के चाहने पर दोबारा शुरू हो जाना। मेरे विचार से तो इसे मेनोस्टॉप कहा जाना चाहिए!

किशोर यौनिकता – सामाजिक मूल्य और व्यावहारिक मतभेद

किशोरों में यौनिकता विषय पर चर्चा करना आरंभ करने पर कानून, आयु, मान्यताएँ व स्वास्थ्य जैसे अनेक ऐसे मुद्दे भी उठ खड़े होते हैं जो बहस की विषयवस्तु हैं। इसके साथ जुड़ा एक और मुद्दा यह भी होता है कि क्या किशोरों को, उनकी आयु को ध्यान में रखते हुए, यौनिक समझा जाए अथवा नहीं।…
Cover Photo: Pixabay

संदिग्ध महिलाएँ 

मैं उत्तरी दिल्ली के एक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में एक छोटे तंग से ऑफिस में हूँ। यहाँ बाहर किसी भी कंपनी या व्यक्ति का नाम नहीं लिखा है। मैं एक लैपटाप कम्प्युटर पर आँखें गढ़ाए एक विडियो को देखने और समझने की कोशिश में लगी हूँ। विडियो में दिखाई दे रहे दृश्य धुंधले हैं और कुछ…
the inside of a bus

गतिशीलता को दबा देने के औज़ार

बाद में जब वह आदमी अपने गंतव्य स्थान पर उतर गया, तो मैंने उस दंपति से अपने असभ्य होने के लिए माफ़ी मांगी। मैं अभी भी दयनीय और असहाय महसूस करती हूँ कि मैंने उस आदमी के उत्पीड़न के लिए और अधिक प्रतिक्रिया क्यों नहीं व्यक्त की और अपने असली स्वभाव को दबाकर क्यों रखा।
राइडिंग क्रॉप

प्यार, दोस्ती, सेक्स और BDSM

अब मेरे लिए दोस्ती, बीडीएसएम और सेक्स के परिदृश्य को समझना, संभालना, पहले की बनिस्बत आसान तो है मगर फिर भी कहीं धुंधली लकीरें हैं।कभी-कभी पुरुष मित्रों की आँखों में थोड़ी सी ज़बरदस्ती दिखती है, उनकी साथियों की आँखों में थोड़ा सा शक, या महिला-मित्रों की आँखों में मेरी यौनिक पहचान के बारे में वही अनचाही अटकलें भी।
Black-and-white face-photo of Maya Sharma, middle-aged, white boy-cut hair, and is wearing specks.

जन आन्दोलन पर माया शर्मा के साथ साक्षात्कार – भाग २

नोटिस: यह अंजोरा सारंगी के माया शर्मा के साथ साक्षात्कार का दूसरा भाग है, इस साक्षात्कार का पहला भाग यहाँ पढ़ें। माया शर्मा एक नारीवादी एक्टिविस्ट हैं जो भारत के महिला आन्दोलन में पूरे जोश के साथ जुड़ी रही हैं। उन्होंने महिला मजदूर अधिकार एवं एकल महिलाओं पर किताबों का सह-लेखन किया है। वे वीमेन्स…
सावित्रीबाई फुले का समाज से संघर्ष

उन्नीसवीं सदी का महाराष्ट्र और सावित्रीबाई फुले

आज के महाराष्ट्र में महिलाओं की स्थिति और उन्नीसवीं सदी की महिलाओं की स्थिति में बहुत अंतर है और इस अंतर के लिए, आज के महाराष्ट्र के लिए, और महिलाओं की आज की बेहतर स्थिति के लिए सावित्रीबाई फुले जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं का योगदान अतुलनीय है। सावित्रीबाई फुले के जन्मदिवस (३ जनवरी) के अवसर पर उनके योगदान को याद करते हुए लेखक ने उन्नीसवीं सदी के महाराष्ट्र और उसकी महिलाओं की स्थिति पर प्रकाश डाला है।
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