A digital magazine on sexuality in the Global South: We are working towards cultivating safe, inclusive, and self-affirming spaces in which all individuals can express themselves without fear, judgement or shame

Author: Abhiruchi Chatterjee

मर्दानगी के सामाजिक आधार

मर्दानगी के निर्माण में शर्मिंदगी की भूमिका, और नायक के खुद के विकास के लिए आत्मविश्वास और क्षमता पर इसका प्रभाव, विशेष रूप से उनके प्रारंभिक वर्षों में, खूबसूरती से सामने लाया गया है।
cover of the book mohana swamy

The Social Boundaries of Masculinity

Through its vivid and raw depictions of socio-cultural life in rural Karnataka, the author, Vasudhendra, a key voice in contemporary Kannada literature, brings forth his identity in all its intersecting dimensions, through the inclusion of class, caste, religion, gender, rural-urban location, education and language.
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पुरुषत्व का सामाजिक दायरा 

मोहनस्वामी – लेखक वसुधेंद्र अनुवाद - रश्मि तेरदल (हार्पर पेरेनियल Harper Perennial, 2016)   जब मैं छात्र जीवन में पढे गए तमाम साहित्य के बारे में सोचती हूँ तो मेरे मन-मस्तिष्क में हमारे स्कूल की पाठ्य पुस्तक में शामिल कहानी, ‘Night of the Scorpion’ के निस्सीम एजेकिएल की त्यागमयी माँ और उसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखने वाले…
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