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अगर इन्टरनेट का अस्तित्व ही न होता तो?
अगर इन्टरनेट न होता, तो मुझे लगता है कि मैं खुद में बहुत ही असुरक्षित महसूस करती। इस बात से…
By Ragamalika Karthikeyan
June 15, 2017
Interview: Pinki Pramanik
संपादक की ओर से – पिंकी प्रमानिक एक भारतीय ट्रैक एथेलीट हैं जो ४०० मीटर एवं ८०० मीटर दौड़ में…
By Anisha Dutt
September 20, 2014
“बहुत ज़्यादा जानना” – ग्रामीण डिजिटल ज़िन्दगी में आत्मीयता, दृश्यता, और साथियों की निगरानी
ऐसे परिवेश में आत्मीयता ही निगरानी की संरचना बन जाती है।
“अपना पैर न फिसलने देना!”- उपयुक्त स्त्रित्व पर मुम्बई के शिक्षकों का संदेश
“हालांकि हिन्दी में रेप के लिए शब्द है (बलात्कार) फिर भी महिलाओं द्वारा इसका प्रयोग कदाचित ही होता है। इसके…
By Juhi Sidharth