A digital magazine on sexuality in the Global South

Mobility and Sexuality 2

a picture of a 'gents' and 'ladies' toilet

महिला शौचालय और मेरा अनुभव 

अलग-अलग शौचालय बनाने के अपने लाभ हैं, विशेषकर जब कि एक जेंडर को दूसरे जेंडर से खतरा महसूस होता हो। लेकिन इस पूरे कृत्य को सामान्य बना देने और इसे जेंडर भेद से दूर करने से संभव है कि महिलाओं को, जहाँ कहीं भी वे हों, प्रयोग के लिए आसानी से शौचालय उपलब्ध हो सकें। 

मैं कहाँ जाऊँ?

मैं एक नॉन-बाइनरी व्यक्ति (जो जेंडर को महिला-पुरुष युग्मक तक सीमित नहीं मानते) हूँ जिसका जन्म के समय जेंडर निर्धारण लड़की के रूप में हुआ। इस समय मेरी रिहाइश मुंबई में है। मेरी वेश-भूषा और पहनावा ऐसा जिसे आप पुरुषों का पहनावा कह सकते हैं। आप मुझे कमीज़, टी-शर्ट, पैंट, निक्कर या शॉर्ट्स और ‘आदमियों’…
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