A digital magazine on sexuality in the Global South

Author: Shraddha Mahilkar

Painting of a little girl holding a big fish in her hand. She is in a big fiery landcape of a water body, sand dunes, and big rocks.

मेरी कल्पनाओं ने किया आज़ाद मुझे

मेरी कल्पना में... मैं उड़ती नहीं ... मगर तोड़ी हैं बेड़ियाँ उन कल्पनाओं के पीछे... देखें हैं सपने जिन्हें बुना था मैंने अपनी कल्पनाओं में, क्यूंकि नींद तो खेल रही थी दूर कहीं मेरे बचपन के साथ और उठाए थे कदम मेरी सच्चाई पर पड़े हिजाब उतारने के लिए...
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