A digital magazine on sexuality in the Global South

Author: Jamal Siddiqui

ट्राँसमैन और मानसिक स्वास्थ्य – एक विचार

उठा तो फिर से आँखें लाल थीं। फिर से भगवान से प्रार्थना करते हुए उठा कि कल तक सब कुछ ठीक हो जाएगा! लेकिन अंदर से मुझे पता है कि कल का दिन भी आज की तरह या किसी और दिन की तरह ही होगा। शीशे के सामने खड़े होना, मेरे लिए, हर दिन का…
On Mental Health and Being a Transman

On Mental Health and Being a Transman

I did everything to change my gender expression from masculine to feminine. I started wearing feminine clothes, started growing my hair, and I even had a boyfriend. But the more I pushed myself to be feminine, the more depressed I became.
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